कम लागत में ज्यादा उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाएं किसान – हेम सिंह भडाना

कम लागत में ज्यादा उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाएं किसान
जयपुर: सामान्य प्रशासन मंत्री हेम सिंह भडाना ने कहा है कि किसान कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों को अपनाने पर ज्यादा जोर दें। भडाना शुक्रवार को कोटा आरएसी ग्राउण्ड पर आयोजित राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट के तहत कृषि की जाजम चौपाल में काश्तकारों को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। राजस्थान के किसानों को खुशहाल बनाने के लिए राज्य सरकार ने अनेक योजनाएं संचालित की है। इन योजनाओं की बेहतर क्रियान्विती कर किसानों को इनका लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटा में आयोजित ‘ग्राम‘ में कृषि विशेषज्ञों से मिली जानकारी को खेती में अपनाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में काश्तकार फसल पैदा करने तक ही सीमित नहीं रहे और खाद्य प्रसंस्करण को भी अपनाएं, जिससे उनकी उपज के दाम में वृद्धि हो सके।
सामान्य प्रशासन मंत्री ने कहा कि किसान कृषि योजनाओं की जानकारी लेकर इन पर मिलने वाले अनुदानों का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दर्शाए गए भूमि के पोषक तत्वों के अनुसार खेती कर अपना उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कोटा में आयोिंजत ‘ग्राम’ किसानों को उन्नत तरीके से खेती करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने छोटे किसानों के लिए भी छोटी-छोटी योजनाएं शुरू की है। किसान मानसिकता में बदलाव लाकर खेती के तौर तरीकों को बदलें।
भडाना ने कहा कि वर्तमान में गहराता भूजल स्तर काश्तकारों के लिए प्रमुख समस्या है। इसके लिए किसान पानी के मूल्य को समझते हुए खेतों को रिचार्ज का साधन बनाएं और खेत तलाई और फार्म पोण्ड का निर्माण कराएं। इस पर राज्य सरकार की ओर से अनुदान की सुविधा भी मुहैया करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि काश्तकार कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को अपनाएं।  उन्होंने कहा कि किसान प्रसंस्करण सीखें और छोटा व्यवसाय शुरू करें। यह बहुत ही आसान प्रक्रिया है।
किसानों की शंकाओं का किया समाधान 
आरएसी ग्राउण्ड पर कृषि की जाजम चौपाल में मौजूद किसानों ने अपनी खेती संबंधी समस्याएं रखी। भडाना एवं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं और शंकाओं का समाधान भी किया।

जाजाम चौपाल में वैज्ञानिक डॉ. बलदेवराम ने दलहनी फसलो की उन्नत उत्पादन तकनीक, कृषि विज्ञान केन्द्र कोटा प्रसंस्करण तकनीकी सहायक गुंजन सनाढ्य ने खाद्य प्रसंस्करण की विधियों एवं संभावनाओं, डॉ. शाकिर अली ने भूजल जल संरक्षण की विधियां, शस्य विज्ञान वैज्ञानिक डॉ. बी.एस.मीणा ने जैविक खेती उन्नत विधियाें तथा सीएडी कोटा के जिला विस्तार अधिकारी भगवान सिंह ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में काश्तकारों को जानकारी दी।

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