कालीचरण के बाद, क्या ब्राह्मण को टिकट देगी बीजेपी !

Jaipur Bureau जयपुर की मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ का टिकट काटे जाने के बाद अब आलाकमान इस कशमकश में है कि आखिर बनिया या पंडित किसे टिकट दिया जाए।
मालवीय नगर क्षेत्र का ओसतन जातिगत वोटर 
कुल मतदाता 212000
60000 ब्राह्मण
15000 जैन
15000 अग्रवाल
15000 कुमावत
45000 एस सी एस टी
25000 सिन्धी पंजाबी
10000 माली
25000 अन्य
अशोक लाहोटी
कालीचरण के नाम की कटौती के बाद जयपुर मेयर अशोक लाहोटी का नाम जोर शोर से उठाया गया, लेकिन एक बार प्रताप सिंह से हार के बाद उनकी दावेदारी कमजोर पड़ती जा रही है। इसके अलावासंघ खेमा लाहोटी के नाम को लेकर ज्यादा उत्साहित नही है। लाहोटी के नाम को ज्यादा तवज्जो नहीं मिलने से पार्टी अब किसी ब्राह्मण प्रत्याशी की तलाश में है।
सुमन शर्मा
इनमें सबसे पहला नाम सुमन शर्मा का आ रहा है। कालीचरण खेमे की नजदीकी रही सुमन शर्मा कुछ समय पहले तक महिला आयोग की अध्यक्ष रही है। इससे पहले वे नगर निगम के पहली बार हुए सीधे चुनाव में कांग्रेस की ज्योति खंडेलवाल से हार चुकी है। इसके अलावा उनकी दावेदारी सांगानेर सीट पर भी की गई है। संघ को सुमन शर्मा कालीचरण खेमे से होना खटक रहा है।
एस एस अग्रवाल
जबकि वैश्य में एक बड़ा नाम स्वास्थ्य सेवा में सक्रिय नाम डॉ एस एस अग्रवाल का भी लिया जा रहा है । अग्रवाल वर्तमान में चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी है और एक ब्लैड बैंक और अन्य कई स्वास्थ्य सेवाओ से जुडे कार्यो में व्यस्त है। अग्रवाल को लेकर वसुँधरा राजे खेमा और संघ दोनो ही ज्यादा उत्साहित नही है।
आनंद शर्मा
बीजेपी में एक नाम लम्बे समय से मीडिया विंग देख रहे अधिवक्ता आनंद शर्मा का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। आनंद शर्मा ओम माथुर, ललित किशोर चतुर्वेदी,अरुण चतुर्वेदी,अशोक परनामी जैसे प्रदेश अध्यक्षो के दौरान मीडिया के काम को देखते रहे है। शांत सरल और पार्टी की विचारधारा व नेताओ के आपसी सामजस्य की वजहसे ज्यादातर पार्टी नेता उनकी बात को खासी तवज्जो देते हैं। आंनद शर्मा छात्र जीव से ही जयपुर में विद्यार्थी परिषद् से जुडे रहे हैं। बतौर अधिवक्त ब्राह्ण समाज में भी उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है। सरल और मीडियाकर्मियों में लोकप्रियता के कारण आनंद शर्मा की तरफदारी करने वालो की जमात लगातार बढती जा रही है। पार्टी में अचानक आनंद शर्मा के नाम पर विचार विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण मतदाताओ की संख्या को माना जा रहा है। कांग्रेस ने पिछली बार जातिगत कार्ड के आधार पर अचर्ना शर्मा को टिकट दिया था, लेकिन समाज के वोट बैंक को अर्चना एकजूट करने में नाकामियाब रही। ऐसे में इस बार बीजेपी ब्राह्मण कार्ड का दांव खेल सकती है।

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