चिकित्सा मंत्री ने किया विटामिन-ए अभियान का शुभारंभ

चिकित्सा मंत्री ने किया विटामिन-ए अभियान का शुभारंभ
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने मंगलवार को प्रातः मालवीय नगर स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रांगण में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर प्रदेश में विटामिन-ए अभियान का शुभारंभ किया।
सराफ ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक पिलाने के इस 33वें चरण में राज्य में 97 लाख 25 हजार 766 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्हाेंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग यूनिसेफ एवं महिला व बाल विकास विभाग के सहयोग से समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर साल में दो बार विटामिन-ए नियमित कार्यक्रम का संचालन कर रहा है। इस कार्यक्रम के तहत् वर्ष में दो बार 30 अप्रेल से 30 मई एवं 30 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है।
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को 6 माह के अंतर पर विटामिन-ए की खुराक पिलाया जाना आवश्यक है। अभियान के दौरान विटामिन-ए की खुराक उपस्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं जिला अस्पताल में पिलाने की व्यवस्था की गयी है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने कहा कि भावी पीढ़ी को स्वस्थ बनाकर ही हम स्वस्थ राजस्थान का सपना साकार कर सकते हैं। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं महिला व बाल विकास विभाग बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए टीकाकरण एवं पोषाहार पर विशेष ध्यान दे रहा है।
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ.वी.के.माथुर ने कहा कि विटामिन-ए से आंखों की बीमारियां जैसे रतौंधी व अंधता से बचाव होने के साथ ही बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विटामिन-ए से बच्चों में निमोनिया, दस्त रोग, खसरा आदि से भी बचाव होता है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए सामान्यत पीले रंग के फलों, गाजर, पपीता, आम व कद्दू के साथ हरी पत्तेदार सब्जियों पालक, मैथी, पत्ता गोभी व बथुआ में बहुतायत से मिलता है। दुग्ध के उत्पाद दही, छाछ व पनीर आदि के साथ ही मांसाहारी भोजन से भी विटामिन-ए मिलता है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, पार्षद शालिनी चावला, परियोजना निदेशक शिशु स्वास्थ्य डॉ.रोमिल सिंह, सीएमएचओ जयपुर-द्वितीय डॉ.प्रवीण असवाल, आरसीएचओ डॉ.पुष्पा चौधरी एवं चिकित्साधिकारी डॉ.कैलाश विजयवर्गीय सहित चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण तथा महिला एवं बाल विकास के अधिकारीगण मौजूद थे।

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