नाम हुआ दुरूस्त, मगनाराम से अब हुआ लिखमाराम

राजस्व शिविर
जयपुर, 13 जून। नागौर जिले की ग्राम पंचायत सरगोठ के अटल सेवा केन्द्र में आयोजित न्याय आपके द्वार 2017 शिविर में 44 वर्षों से लगातार खतौनी में चल रहे गलत नाम मगनाराम पुत्र देबाराम को दुरूस्त कर वास्तविक नाम लिखमाराम अंकित कर राहत प्रदान की गई।
शिविर प्रभारी रामसुख गुर्जर उपखण्ड अधिकारी कुचामन सिटी द्वारा लोगों को संयुक्त खातों की भूमि का आपसी सहमति से बंटवारा, रिकार्ड दुरूस्ती एवं राजस्व न्यायालय में लम्बित वाद के निपटारे के लिये समाइश की गयी तथा राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी। जिससे पे्ररित होकर ग्राम सरगोठ के लिखमाराम पुत्र देबाराम जाति कुमावत ने धारा 88 के तहत नाम दुरूस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
शिविर प्रभारी ने प्रार्थना पत्र की जांच तहसीलदार कुचामन सिटी को दी। जांच में सामने आया कि लिखमाराम ने कई बार प्रार्थना पत्र दिया परन्तु उसे कहीं भी न्याय नहीं मिला।
प्रार्थी के पिता का स्वर्गवास 44 वर्ष पूर्व हो गया था। जब विरासत में भवराराम, मगनाराम, लच्छाराम, हुक्माराम पिता देबाराम दर्ज हुआ। तब से लगातार मगनाराम पुत्र देबाराम राजस्व खतौनी में नाम चला आ रहा है। जांच करने पर पाया कि मगनाराम व लिखमाराम एक ही व्यक्ति है। तहसीलदार कुचामनसिटी ने पटवारी एवं भू-अभिलेख निरीक्षक से जांच करवाकर उपखण्ड अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र में स्पष्ट इंगित किया कि मगनाराम का वास्तविक नाम लिखमाराम है, जिसको शिविर प्रभारी ने रिकार्ड में मगनाराम के स्थान पर वास्तविक नाम  लिखमाराम दुरूस्त करवाकर नकल दिलवायी।
नकल मिलते ही लिखमाराम तथा उसके परिवार में हर्ष छा गया। उसने राज्य सरकार, शिविर प्रभारी एवं उपस्थित सभी अधिकारी, कर्मचारियों को इसके लिये धन्यवाद दिया।

Related posts

Leave a Comment