फ्लेगशिप योजनाओं का हो प्रभावी क्रियान्वयन – रामप्रताप

फ्लेगशिप योजनाओं का हो प्रभावी क्रियान्वयन
जयपुर: जल संसाधन मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री डॉ. रामप्रताप ने शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। फ्लेगशिप योजनाओं की प्रगति जानी तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
डॉ. रामप्रताप ने आधार एवं भामाशाह नामांकन की प्रगति की समीक्षा की तथा शहरी क्षेत्र में कम नामांकन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में अधिक से अधिक स्थानों पर नियमित शिविर लगाए जाएं तथा इनका व्यापक प्रचार-प्रसार करवाया जाए। इन शिविरों की पूर्व तैयारी भी की जाए। इस कार्य में पार्षदों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने को कहा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के बारे में जाना तथा कहा कि सभी पात्र लोगों को इस माध्यम से लाभांवित किया जाए।
प्रभारी मंत्री ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री राजश्री योजना की प्रगति जानी तथा आदर्श पीएचसी पर नॉम्र्स के अनुसार सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कन्या उपवन के तहत लगाए गए पौधों की प्रगति के बारे में जाना तथा कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी चिकित्सा संस्थानों के नियमित एवं औचक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अस्पताल में नॉम्र्स के अनुसार दवाइयां उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित किया जाए। बालिका उपवन के तहत लगाए गए पौधों के भौतिक सत्यापन के लिए निर्देशित किया।
डॉ. रामप्रताप ने अन्नपूर्णा भंडारों की स्थापना एवं पोस मशीनों से खाद्यान्न वितरण के बारे में जाना। उज्जवला योजना के तहत आवंटित गैस कनेक्शनों तथा अन्नपूर्णा रसोई की प्रगति की जानकारी ली। बरसात के मौसम के दौरान नहरी क्षेत्र के नालों की सफाई करवाने के निर्देश दिए। शहरी एवं ग्रामीण गौरव पथ का निर्माण निर्धारित समय पर करवाने तथा इनमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। कृषि विभाग द्वारा लक्ष्यों के अनुरूप मृदा के नमूने लिए जाएं तथा मृदा के स्वास्थ्य की जांच करते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंंत्री ने आदर्श एवं उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थिति जानी तथा कहा कि प्रत्येक स्कूल में बिजली, पानी, छात्रों एवं छात्रााओं के लिए अलग शौचालय सहित सभी आधारभूत सुविधाएं हों। ग्रीन बोर्ड तथा दर्पण लगाए जाएं। प्रत्येक स्कूल में अध्यापकों के नाम एवं फोटो लगे हों। उन्होंने कहा कि आदर्श एवं उत्कृष्ट विद्यालयों को ‘रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग’ से जोड़ा जाए। बालिका विद्यालयों में सेनेटरी नेपकीन की व्यवस्था करवाने के निर्देश भी दिए।
डॉ. रामप्रताप ने कहा कि न्याय आपके द्वार, ग्रामीण क्षेत्रों में पट्टा वितरण तथा मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण शिविरों का आमजन को अधिक से अधिक लाभ हो, यह सुनिश्चित किया जाए। न्याय आपके द्वार के दौरान खातेदारी अधिकार जारी करने, कम्यूटेशन एवं रास्तों से संबंधित प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। उन्होंने शहरी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की स्थिति भी जानी।
एमजेएसए महत्त्वपूर्ण अभियान, ढिलाई बरती तो होगी कार्रवाई 
प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि एमजेएसए, राज्य सरकार का महत्त्वपूर्ण अभियान है। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग हो तथा ढिलाई बरतने वालों के खिलाफ चार्जशीट जारी की जाए। उन्होंने कहा कि एमजेएसए के प्रथम चरण में किए गए पौधारोपण का भौतिक सत्यापन करवाया जाए। उन्होंने नगर निगम को बरसाती जल संरक्षण के लिए नवाचार करने तथा जिले के समस्त स्कूलों को रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ने के निर्देश दिए।
एक दिन का वेतन देंगे अधिकारी-कर्मचारी
डॉ. रामप्रताप ने एमजेएसए को जन-जन का अभियान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें आमजन का सहयोग भी लिया जाए। प्रभारी मंत्री के आह्वान पर इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अधिकारियों-कर्मचारियों, पीबीएम एवं सीएमएचओ के अधीनस्थ चिकित्सकों एवं स्टाफ, पुलिस के अधिकारियों ने एक-एक दिन का वेतन अभियान के लिए सहयोग स्वरूप देने का भरोसा दिलाया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार विधायकों से भी अभियान के लिए सहयोग राशि ली जाए। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को भी उपखण्ड स्तर से सहयोग राशि लेने को कहा।
दूसरे चरण में 2 हजार 200 से अधिक कार्य पूर्ण
जिला कलक्टर अनिल गुप्ता ने बताया कि एमजेएसए के प्रथम चरण में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। प्रथम चरण में 75 हजार 667 पौधे लगाए गए। वहीं दूसरे चरण में स्वीकृत 3 हजार 783 कार्यों में से 3 हजार 177 कार्य प्रारम्भ हो चुके हैं। स्वच्छ भारत ग्रामीण के तहत 2 लाख 7 हजार 710 शौचालयों का निर्माण करवाया गया है। जिले में 217 अन्नपूर्णा भंडार स्थापित किए जा चुके हैं। शत-प्रतिशत राशन सामग्री का वितरण पोस मशीनों से किया जा रहा है।

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