भैरू बाबा लख्खी मेला भरा, मंत्रियों व श्रद्धालुओं का लगा तांता

कोटपूतली (महेशसिंह तंवर) । प्राचीन समय से भारतीय परम्परा व पौराणिक मान्यताओं पर मेले आयोजित हो रहे हैं । लोगों में भगवान के प्रति काफी आस्थाओं को लेकर बड़े बड़े कार्यक्रम भी किये जाते हैं । ऐसी ही बानगी कोटपूतली निकटवर्ती गांव कुहाड़ा स्थित बाबा भैरु मेले में मंगलवार को देखी गई । यह मेला प्रतिवर्ष लगता हैं, जहां विशाल भंडारा क्षेत्र सहित राज्य में भी प्रशिद्ध प्राप्ति करता है। भण्डारे की तैयारी को लेकर मेला कमेटी पहले ही अपनी तैयारी में जुट जाती है । बाबा भैरू को चूरमे का भोग लगाया जाता है । इस मेले पर करीब 200 किवंटल चूरमा तैयार किया गया । चूरमे को तैयार करने में दो ट्रक्टर थ्रेसर व जेसीबी का सहारा लिया गया । बाटीयों को थ्रेसर के माध्यम से पिसा गया व जेसीबी से खांड़ ,घी मिलाया गया ।

भैरु बाबा के लोक भजनों व जीवनकाल कथाओं का आयोजन की कलाकारों द्वारा दी गई । वही हेलिकॉप्टर से मन्दिर व आयोजित मेले क्षेत्र में फूलों की वर्षा की गई ।

मेले में दूर दराज़ से श्रद्धालुओं ने पहुंचकर बाबा के चरणों मे धोक लगाते हुए पंगत प्रसादी पाई ।

इसी मौके पर राजनेताओं का आवागमन दिनभर चलता रहा । इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़, विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेन्द्र सिंह, गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया,सैनिक कल्याण बोर्ड चैयरमैन प्रेमसिंह बाजौर, टोंक-सवाईमाधोपुर सांसद सुखवीर सिंह जौनापुरिया, उत्तराखण्ड के लेनडोरा विधायक प्रणव कुमार, बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना,रक्तमणि संयोजक मुकेश गोयल, बनवारीलाल प्रधान, पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाणा,कोटपूतली विधायक राजेन्द्र यादव सहित स्थानीय नेता शामिल हुए।

कर्नल राज्यवर्धनसिंह राठौड़ ने हाल ही खेलों इंडिया व मुद्रा ऋण की जानकारी देते हुए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लिए लोगो मे उद्धबोधन दिया । राठौड़ ने अपने क्षेत्र में आने वाले गांवों की गिनती कराते हुए व उनके लिये सरकार से मिलने वाले बजट की जानकारी लोगो के सामने रखी । वहीं गुलाबचन्द कटारिया ने भी भैरु बाबा को धोक लगाते हुए ,कहा कि यह मंदिर पर्यटन स्थल में विकसित हो सकता है । इसके लिये क्षेत्रीय लोगो की सलाह से मुख्यमंत्री के समक्ष बात रखी जाए । वहीं क्षेत्रीय लोगो ने कोटपूतली को राजनीति से पिछड़ा बताते हुए समस्याओं से अवगत कराया । समस्या में विशेष कोटपूतली में मेडीकल कॉलेज की मांग रखी गई ।

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