राज्य के विशेष योग्यजनों का डाटा बेस तैयार होगा – अरूण चतुर्वेदी

अरूण चतुर्वेदी

जयपुर: विशेष योग्यजनों के सशक्तिकरण एवं कल्याण हेतु राज्य में एक जून से आरम्भ हो रहे पं. दीन दयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविरों के आयोजन को लेकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां अम्बेडकर भवन में बैठक आयोजित की गई।

चतुर्वेदी ने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य विशेष योग्यजनों का चिन्हीकरण कर उनका पंजीयन करके उन्हें निःशक्तता प्रमाण विशेष योग्यजनों के सशक्तिकरण एवं कल्याण हेतुपत्र जारी करना, राज्य के विशेष योग्यजनों का डाटा बेस तैयार कर ऑनलाईन रिकॉर्ड संधारित करना एवं उनकी आवश्यकता व पात्रता के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इन शिविरों में विशेष योग्यजनों को यू.डी.आई.डी. कार्ड भी जारी करवाया जायेगा और उन्हें पेंशन, बस या रेल पास, ऋण एवं पालनहार आदि योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें इसका फायदा दिया जायेगा।

डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि विशेष योग्यजनों के लिए चलाई जा रही सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक सस्थाओं की भागीदारी आवश्यक है और सरकार एवं स्वंयसेवी संगठनों के आपसी तालमेल से निशक्तजनों के लिए बनाई जा रही नीतियां व्यापक रूप से सफल हाेंगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविर तीन चरणों में सम्पदित किये जायेगे। इसमें 1 जून से 24 सितम्बर तक विशेष योग्यजनों का चिन्हीकरण एवं पंजीयन  होगा तथा 25 सितम्बर से 12 दिसम्बर तक विधानसभावार कैम्प आयोजित कर निशक्तता प्रमाणीकरण का कार्य होगा। इसी प्रकार 13 दिसम्बर, 2017 से 31 मार्च, 2018 तक जिला स्तर पर कैम्प आयोजित कर कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन होगा।

उन्होंने  कहा कि चिन्हीकरण सबसे आवश्यक है क्योंकि इसी के आधार पर सरकार द्वारा निःशक्त जनों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का निर्धारण होता है। जिला कलेक्टर अपने जिलों में विशेष योग्यजनों को चिन्हित एवं पंजीकृत करेंगे तथा यह सुनिश्चत करेंगे कि कोई भी पात्र विशेष योग्यजन पंजीकरण से शेष न रहे। महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, ग्रामीण एवं पंचायतीराज राज्य के विशेष योग्यजनों का डाटा बेस तैयार होगाएवं चिकित्सा आदि विभागों के समन्वित प्रयासों से यह सम्भव होगा। बैठक में प्रजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न स्वंयसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शिविर में होने वाली प्रक्रियों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गई। स्वंयसेवी संगठनों ने भी अपने सुझाव और सरकार से अपनी अपेक्षाएं बताईं। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक जैन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आयुक्त धन्नाराम पुरोहित एवं निदेशक डॉ. समित शर्मा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त सचिव आभा बेनीवाल, भगवान महावीर संस्थान के डी.आर. मेहता, ‘‘उमंग’’ संस्थान की मीनाक्षी श्रीवास्तव, ‘‘दिशा’’ संस्थान की रेणु सिंह सहित राज्य के अनेक स्वयंसेवी संगठनों ने भाग लिया।

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