शराब की दुकानों के रात्रि 8 बजे बंद होने की सख्ती से पालना हो – मुख्यमंत्री

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जयपुर, 19 जनवरी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य में ‘मद्य संयम’ की नीति को सशक्त बनाने एवं इसे प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। उन्होंने इसके लिए शराब की दुकानों पर बिक्री रात्रि आठ बजे बंद होने की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों से कहा कि यदि शराब की कोई दुकान रात्रि 8 बजे बाद खुली पाई जाए तो पेनल्टी लगाने, दुकान सील करने अथवा अनुज्ञापत्र निरस्त करने जैसी कड़ी कार्रवाई अमल में लाएं।

गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। गहलोत ने कहा कि वर्ष 2008 में ‘मद्य संयम’ को प्रोत्साहित करने के लिए हमारी सरकार ने रात्रि 8 बजे बाद शराब की बिक्री पर रोक लगाई थी जिसका आमजन में सकारात्मक संदेश गया था। 
गहलोत ने कहा कि पूर्व विधायक स्व. गुरूशरण छाबड़ा के शराब के सेवन को हतोत्साहित करने के प्रयासों का हमने समर्थन किया था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्व. छाबड़ा के साथ हुए समझौते की पालना सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त के स्तर पर विशेष बैठक रखने के भी निर्देश दिए।

अंकित मूल्य से अधिक वसूलने पर करें कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि अंग्रेजी शराब पर अंकित मूल्य से अधिक वसूलने की शिकायतें मिली हैं। इस पर गहलोत ने निर्देश दिए कि विभाग विशेष दल गठित कर ऎसी शिकायतों पर कार्रवाई करें।
अन्य राज्यों से अवैध शराब की तस्करी को कड़ाई से रोकें
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बाहरी राज्यों से अवैध शराब के परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी तथा निरोधक दस्ते इन पर अंकुश लगाये। उन्होेंने शराब का अवैध परिवहन करने वाले लोगों से कड़ाई से निपटने के निर्देश दिए। 
जनजागरण अभियान चलाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब के सेवन से होने वाले सामाजिक दुष्परिणामों को लेकर योजनाबद्ध रूप से जनजागरण अभियान चलाया जाए। उन्होंने शराब के अधिक सेवन से पीड़ित परिवारों के छोटे बच्चों तथा उनके आश्रितों के पुनर्वास, उन्हेें शिक्षा से जोड़ने आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विशेष योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पूर्व सरकार ने मद्य के अवैध व्यवसाय से मुक्त कराकर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नवजीवन योजना लागू की थी। उन्होंने इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव डी.बी. गुप्ता, पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, शासन सचिव वित्त (राजस्व) डॉ. पृथ्वीराज, आबकारी आयुक्त, सोमनाथ मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

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