62 करोड़ से शुरू हुआ जुर्माना पहुंचा 414 करोड़ रुपए

क्षेत्र के कल्याणपुरा स्थित मैडा खनन क्षेत्र में अवैध खनन का मामला
62 करोड से शुरू हुआ जुर्माना पहुंचा 414 करोड रूपये
खनन क्षेत्र की सभी 9 खानें निरस्त

लैंड रेवेन्यु एक्ट के तहत वसुली जायेगी जुर्माना राषि

कोटपूतली। क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम कल्याणपुरा कुहाडा स्थित चोटिया क्रेषर जोन के मैडा खनन क्षेत्र में पिछले 2 वर्षो से चल रहे अवैध खनन के जुर्माना सम्बंधी मामले का आखिरकार निस्तारण हो गया हैं। लम्बे समय से खनन विभाग जुर्माने की फाईल को दबाये बैठा था। लेकिन अब मैडा की सभी 9 खानों को निरस्त करते हुए 40 लोगों के खिलाफ खनन विभाग ने 62 करोड से बढाकर 414 करोड रूपये का जुर्माना निर्धारित किया हैं। जुर्माना वसुले जाने के लिए लैंड रेवेन्यु एक्ट के तहत कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पूर्व में खनन विभाग ने सभी दोषियों के खिलाफ एमएमडीआर एक्ट की धारा 4 व 21 तथा राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नामावली 2017 के नियम 54 एवं 60 का उल्लंघन मानते हुए नोटिस जारी किये थे। उल्लेखनीय है कि समाजसेवी नित्येन्द्र मानव की षिकायत पर कल्याणपुरा मैडा में पिछले 15 वर्षो से हो रहे अवैध खनन को लेकर तीन वर्ष पूर्व जांच कर 62 करोड 20 लाख का जुर्माना निर्धारित किया गया था। जिसे अत्यधिक कम बताते हुए मानव ने एनजीटी भोपाल के समक्ष याचिका दायर कर मैडा समेत क्षेत्र के अन्य ईलाकों में हो रहे उच्च स्तर पर अवैध खनन, ब्लास्टिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने व प्रदूषण जनित रोगों पर नियंत्रण पाने तथा बुचारा व मैडा में हुए अवैध खनन की पुनः जांच करवाने की मांग की थी। जिस पर एनजीटी ने खनन विभाग को कार्यवाही के आदेष दिये थे। जिनकी पालना में विभाग द्वारा मैडा में हुए अवैध खनन की लगभग 2 सप्ताह तक नापजोख कर उच्च स्तर पर अवैध खनन होना पाया था। लेकिन उक्त रिपोर्ट में हुई नापजोख का परीक्षण किये जाने के नाम पर खनन निदेषालय ने पिछले कई माह से फाईल को दबाकर ठण्डे बस्ते में डाल दिया था। जिससे इस सम्बंध में कार्यवाही नहीं हो पा रही थी। काफी समय बीत जाने पर निदेषालय के अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किये जाने का विरोध करते हुए समाजसेवी मानव ने पीएमओ समेत राज्यपाल, सीएमओ, खनन मंत्री व मुख्य खनन सचिव अर्पणा अरोडा को ज्ञापन भेजकर बताया था कि जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने में विलम्ब होने से क्षेत्र में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई हैं। एक ओर जहां सरकार के प्रति लोगों में नकारात्मक भाव पैदा हो रहें है वहीं खान माफिया के हौंसले दिन-प्रतिदिन बढते जा रहे हैं। ऐसे में रिपोर्ट को अविलम्ब सार्वजनिक किया जायें। जिस पर कार्यवाही करते हुए अरोडा समेत सभी विभागों ने खनन विभाग को त्वरित कार्यवाही के आदेष दिए थे। इस सम्बंध में डेढ वर्ष पूर्व खनन विभाग की ओर से कल्याणपुरा मैडा में दुसरी बार अवैध खनन की नापजोख के दौरान अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही थी। इस पर भी मानव ने प्रमुख शासन सचिव अर्पणा अरोडा से निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की थी। इस पर अरोडा ने तत्कालीन एएमई संजय शर्मा को अवैध खनन के बारीकी से जांच कर वास्तविक जुर्माना राषि तय करने के निर्देष दिए थे।
जयपुर जिले की सबसे बडी कार्यवाही-मानव ने बताया कि यह अब तक जयपुर जिले में की गई सबसे बडी कार्यवाही है। इससे निष्चित रूप से अवैध खनन को लेकर एक बडा संदेष जायेगा एवं खनन माफिया को क्षेत्र से पलायन पर मजबुर होना पडेगा। मानव के अनुसार ग्राम बुचारा में भी कई दषकों से अवैध खनन हो रहा है। अगर वहां भी इस सम्बंध में जांच होती है तो जुर्माना राषि के अरबों पार जाने की पूरी-पूरी सम्भावना है।

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