evm v/s vvpat के नतीजों में फर्क हुआ तो मामला दूर तक जाएगा 

जी हां 23 मई को जैसे ही नतीजो का ऐलान होगा भले ही बनने वाली नई सरकार की तैयारियों में बहुमत पाने वाला मोर्चा सक्रिय हो जाएगा। लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि अगर चयनित बूथ के ईवीएम और विविपीएटी  के नतीजो में फर्क हुआ तो क्या होगा। चुनाव आयोग के लिए यह परेशानी उस वक्त और बढ़ जाएगी अगर हार जीत का फर्क विवादित बूथो के नतीजो की संख्या के आसपास होता है।

विपक्ष पहले से ही चुनावो में ईवीएम के इस्तेमाल और परिणामों की विश्वसनियता  पर सवाल उठाता आया है। सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के लिए आऩे वाले परिणाम से पहले प्रमुख 21 विपक्षी पार्टियों की ओर से ईवीएम नतीजों का मिलान विविपीएटी की पर्चियों से कराने की मांग पुनविचार याचिका को खारिज कर दी है। लेकिन 17वी लोकसभा के चुनाव नतीजे आने के बाद विपक्ष को नया मुद्दा मिल सकता है। निर्वाचन आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मतगणना के दौरान प्रत्येक लोकसभा सीट में आने वाले विधानसभा क्षेत्रो में से 5 बूथ का चयन लॉटरी से चयन कर ईवीएम और विविपीएटी पर्चियों के नतीजो का मिलान किया जाएगा।

चुनाव आयोग की चिंता

1.अगर ईवीएम और विविपीएटी  के चुनिंदा बुथ के दोनों परिणामों में फर्क आया ऐसे में निर्वाचन आयोग विविपीएटी की पर्चियों की संख्या को ही सही मानेगा।

2 अगर किसी लोकसभा सीट पर हार जीत का फर्क ईवीएम और  विविपीएटी की पर्चियों में फर्क आने पर परिणाम जारी करने के संर्दभ में कितनी देरी होगी। 

3.ऐसा सम्भव है कि देशभर से ऐसे आकड़ो को इक्टठा कर विपक्ष इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाने का प्रयास करेगा, ऐसे में निर्वाचन विभाग को ईवीएम की विश्वसनियता को लेकर एक बार फिर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। 

इससे पहले भी ईवीएम मशीन vvpet के साथ कुछ विधानसभा चुनाव में नतीजे मैंच करवाए गए लेकिन नतीजों में फेरबदल की शिकायतें नहीं मिली। ऐसे में आयोग के अधिकारी पुराने अनुभवो से संतुष्ट नजर आ रहे हैं ।23 मई को सुबह आठ बजे से लोकसभा की कुल 543 सीटों पर वोटों की मतगणना शुरू होगी औऱ रिटर्निंग ऑफिसर के अलावा चुनाव में खड़े प्रत्याशी, इलेक्शन एजेंट, काउंटिंग एजेंट भी रहेंगे, ऑफिशियल कैमरे से इसकी वीडियोग्राफी होगी। वोटों की मतगणना के लिए मतगणना स्थल पहले से ही तय किया गया है।सबसे पहले डाक मतपत्रों की मतगणना होती है। इसके आधे घंटे बाद ही EVM के वोटों की मतगणना शुरू होती है। इस बार पिजन होल बॉक्स की पर्चियों की संख्या से भी वोटों की संख्या का मिलान होगा। ये वही पर्चियां हैं जो आपको वोट डालते समय EVM के दाईं तरफ से निकलती दिखाई दी थीं। इन पर्चियों की गणना भी वोटों की मतगणना के साथ होगी।

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