बंद करो पेट्रोल को “ट्रोल” करना :- व्यंग्य अनिल सक्सेना “अन्नी”

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अनिल सक्सेना “अन्नी” एक जरा सी बात पर वो विद्रोही हो गये जी। बात ना बात की पूंछ बस लगे उटपटांग गरियाने।पेट्रोल कुछ पैसा महंगा क्या हो गया,बस सर पर आसमान उठा लिया।असल मे वो है ही नकारात्मक सोच के। इनसे पूछो जितने पैसे इस पेट्रोल के बढ़ते हैं, उतने की तो ये पान की डंडी भी नही खरीद सकते।ऐसी बाते करते हैं जैसे सरकार को और कोई काम ही नही। सरकार जिस दिशा में आगे बढ़ रही है उसकी तो वो तारीफ करते नही बस आलतू फालतू के मुद्दों को…

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