नगरीय क्षेत्र में पंचायतों को विकास कायोर्ं के लिए नहीं लेनी पड़ेगी एनओसी

नगरीय क्षेत्र में पंचायतों को विकास कायोर्ं के लिए नहीं लेनी पड़ेगी एनओसी
जयपुर: ग्राम पंचायतों को दी जाने वाली सिवायचक, सरकारी भूमि व उनके परिधि क्षेत्र में किए जाने वाले विकास कायोर्ं के संबंध में गृह मंत्री गुलाब चन्द कटारिया की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में मंत्री समूह की बैठक आयोजित हुई।
स्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्रीचन्द कृपलानी ने बताया कि मंत्री समूह ने बैठक में विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। नगरीय परिधि क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों की ओर से उनको आवंटित राशि के द्वारा करवाए जाने वाले विकास कायोर्ं के लिए नगरीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने की जरूरत नहीं होगी। नगरीय निकाय को मात्र सूचित कर पंचायत कार्य कर सकेगी। पट्टा देने का कार्य पंचायत राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज आबादी भूमि में से स्वयं अपने स्तर पर कर सकेगी।
नगरीय स्थानीय निकाय (यूएलबी) इस क्षेत्र के अलावा मास्टर प्लान के आधार पर कार्य कर सकेगी। नगरीय निकाय, नगर सुधार न्यास एवं विकास प्राधिकण परिधि क्षेत्र की पंचायतों को उनके क्षेत्र की आवंटन योग्य सिवायचक एवं सरकारी जमीन का 25 फीसदी या 15 हजार वर्ग मीटर जो भी कम हो, आवंटित करेगी। पंचायत इस भूमि का उपयोग सार्वजनिक एवं राजकीय प्रयोजनार्थ भवन निर्माण के लिए करेगी। आवंटन मास्टर प्लान के प्रावधान के मुताबिक होगा। नगरीय विकास विभाग के गत 13 अप्रेल के आदेश को वापस लिया जाएगा।
बैठक में पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, मुख्य सचिव ओ.पी.मीना नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश शर्मा, स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव मंजीत सिंह, डीएलबी के निदेशक पवन अरोड़ा सहित आवासन मंडल के आला अधिकारी मौजूद थे।

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