जब नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आरएफपी (RFP) जारी किया, तो इसका मतलब सिर्फ एक आयोजन कंपनी का चयन नहीं था। यह भारत के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि देश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी विश्वविख्याति को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। यह घोषणा उस समय आई जब दुनिया भर में सौर ऊर्जा परियोजनाएं रिकॉर्ड तोड़ रही हैं।
इस आरएफपी का मुख्य उद्देश्य भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026 भारत , जिसे पहले RE-INVEST के नाम से जाना जाता था, के लिए एक इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी का चयन करना है। यह पहल अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) द्वारा जारी की गई है, जिसकी मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
वैश्विक सौर ऊर्जा दौड़ में भारत की भूमिका
यहाँ बातचीत का केंद्र बिंदु यह है कि भारत अब केवल ऊर्जा का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नीति निर्धारक भी बन रहा है। जब हम दुनिया भर की सबसे बड़ी सौर परियोजनाओं की ओर देखते हैं, तो तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाती है। ऑस्ट्रेलिया के रिवेरिना क्षेत्र में स्थित लायंडेल सौर फार्म, जो 5,900 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है, 1,000 मेगावाट की क्षमता के साथ एक प्रमुख उदाहरण है। लेकिन भारत ने इसे पीछे छोड़ दिया है।
राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित भाड़ला सौर पार्क अब भारत का सबसे बड़ा सौर पार्क है। इसकी स्थापित क्षमता 2,245 मेगावाट है और यह 14,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। थार रेगिस्तान की तीव्र धूप इसे ऊर्जा उत्पादन के लिए आदर्श बनाती है। इस पार्क को चरणों में विकसित किया गया है, जिसमें विभिन्न सार्वजनिक और निजी संगठनों ने भाग लिया है।
चीन की विशाल परियोजना और तकनीकी उन्नति
लेकिन वास्तविक प्रतिद्वंद्वी चीन में है। माइडून सौर पावर प्लांट, जिसे मई 2024 में खोला गया था, ने दुनिया की सबसे बड़ी सौर सुविधा होने का रिकॉर्ड बनाया। इसकी क्षमता 32 गीगावाट है और इसकी लागत लगभग $2.13 बिलियन थी। यह परियोजना चीन ग्रीन डेवलपमेंट ग्रुप की एक सहायक कंपनी द्वारा विकसित की गई थी।
इस प्लांट में 5.2 मिलियन से अधिक 650-वाट मोनोकृस्टलाइन बाइफेशियल डबल ग्लास फोटोवोल्टिक पैनल लगे हैं। ये पैनल दोनों तरफ से सूर्य की रोशनी को कैप्चर करते हैं, जिससे दक्षता बढ़ती है। इसके समर्थन में 1.2 मिलियन सपोर्टिंग पाइल्स, पांच बूस्टर स्टेशन और 130 किमी से अधिक ट्रांसमिशन लाइन्स की आवश्यकता थी। यह प्लांट सालाना लगभग 6.09 बिलियन किलोवाट घंटे बिजली उत्पन्न करेगा, जो लगभग 2.2 मिलियन घरों की जरूरत पूरी कर सकता है।
भारत के सौर पार्कों का प्रभाव
भारत में भी ऐसी ही कुछ परियोजनाएं हैं जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। एक बड़े सौर पार्क से सालाना लगभग 9 बिलियन किलोवाट घंटे बिजली उत्पन्न होती है, जो 42 मिलियन से अधिक घरों को बिजली पहुंचा सकती है। इससे 8 मिलियन टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आती है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सौर ऊर्जा केवल ऊर्जा सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए भी कितनी महत्वपूर्ण है।
कर्नाटक में स्थित पवागड़ा सौर पार्क, जो 2019 से संचालित है, 13,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है और इसकी कुल क्षमता 250 मेगावाट से अधिक है। हालांकि, भाड़ला जैसे बड़े पार्कों की तुलना में यह छोटा है, लेकिन यह भारतीय सौर उद्योग की प्रगति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आगामी वैश्विक आयोजन और नीतिगत प्रभाव
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026 के साथ-साथ, ग्लोबल सोलार काउंसिल (GSC) भी कई महत्वपूर्ण आयोजनों की मेजबानी कर रहा है। 27-28 मई 2026 को स्पेन के वैलेन्सिया में 'सोलर & स्टोरेज' कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। इसके अलावा, लिस्बन फ्यूचर डायलॉग भी मई 2026 में आयोजित होगा। इन आयोजनों से स्पष्ट होता है कि सौर ऊर्जा नीतियों और तकनीकों पर वैश्विक चर्चा तेज हो रही है।
इस सब के बीच, एक छोटी सी घटना भी ध्यान देने योग्य है। गेट्सहेड में एक सामुदायिक त्योहार को सौर पैनलों से संचालित किया गया था। यह दर्शाता है कि सौर ऊर्जा केवल बड़े औद्योगिक परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक स्तर पर भी अपना रास्ता बना रही है।
Frequently Asked Questions
भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026 क्या है?
यह एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है जो नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा के विकास, नीतियों और निवेश पर केंद्रित है। इसे पहले RE-INVEST के नाम से जाना जाता था और इसका आयोजन 2026 में भारत में होगा।
आरएफपी किसलिए जारी किया गया है?
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026 के आयोजन के लिए एक इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी का चयन करने के लिए आरएफपी जारी किया है।
भारत का सबसे बड़ा सौर पार्क कौन सा है?
राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित भाड़ला सौर पार्क भारत का सबसे बड़ा सौर पार्क है। इसकी स्थापित क्षमता 2,245 मेगावाट है और यह 14,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है।
चीन के माइडून सौर पावर प्लांट की क्षमता क्या है?
माइडून सौर पावर प्लांट की क्षमता 32 गीगावाट है, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा सौर पावर प्लांट बनाता है। इसकी लागत लगभग $2.13 बिलियन थी और इसमें 5.2 मिलियन से अधिक सौर पैनल लगे हैं।
ग्लोबल सोलार काउंसिल कौन से आयोजन कर रहा है?
ग्लोबल सोलार काउंसिल 27-28 मई 2026 को स्पेन के वैलेन्सिया में 'सोलर & स्टोरेज' कॉन्फ्रेंस और लिस्बन फ्यूचर डायलॉग सहित कई आयोजनों की मेजबानी कर रहा है।