राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस समारोह आयोजित

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जयपुर, 22 दिसम्बर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री  बाबूलाल वर्मा ने कंज्यूमर फोरम एवं प्रशासनिक मशीनरी से अपील की है कि वे डिजिटल इंडिया के प्रस्पिर्धात्मक दौर में बढ़़ते डिजिटल बाजार के समय में उपभोक्ता के हितों को सर्वोपरि मानते हुए उन्हें राहत देने के मिशन में लगातार जुटे रहें। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया प्रोग्राम में डिजिटल बाजार में उपभोक्ता को मजबूती देने की दृष्टि से अहम कदम उठाए गए हैं।

वर्मा राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को यहां इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ‘‘उभरता डिजिटल बाजार समस्याएं और समाधान’’ के विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर उपभोक्ता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रयास करें तो उसे संतुष्टी और न्याय मिलेगा, यहीं हमारा परम कत्र्तव्य है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को अच्छे वातावरण में अच्छी चीज मिले और उसके हितों के संरक्षण के लिए हर स्तर पर सतत् प्रयास हो तभी यह मिशन सार्थक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उपभोक्ता के अधिकारों को संरक्षण देने के लिए दूरगामी सोच के साथ कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे की प्रबल इच्छा शक्ति से प्रदेश में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पॉस मशीन से राशन सामग्री वितरण की योजना से सिस्टम में बड़ी पारदर्शिता आई है, इससे राज्य में ऎसा सिस्टम विकसित हो गया है, जिससे आम आदमी और उपभोक्ताओं को उनका हक मिला है। उन्होंने कहा कि सिस्टम को और अधिक पारदर्शी बनाने पर लगातार फोकस किया जा रहा है ताकि उपभोक्ता के मन में किसी प्रकार का कोई संशय नहीं रहे।

वर्मा ने कहा कि उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ता हेल्पलाईन को आनलाइन किया है और विभाग डिजिटल मार्केट में अपने सशक्त कदम बढ़़ा रहा है। उपभोक्ता को बिना किसी बाधा के सेवाएं मिले इसके लिए विभाग दृढ संकल्पित है।

समारोह को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए विभाग की ने कहा कि आज के युग में सभी व्यक्ति किसी ना किसी रूप में उपभोक्ता है और सभी उपभोक्ता किसी ना किसी तरह से डिजिटल बाजार से ताल्लुक रखता है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को डिजिटल मार्केटिंग के प्रति जागरूक करने के लिए डिजिटल इंडिया का प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है।

सिन्हा ने बताया कि उपभोक्ता मामले विभाग को उपभोक्ताओं के लिए अभी बहुत कार्य करने की जरूरत है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी तरह की समस्या नहीं आए। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता मामले विभाग के पास पूरे प्रदेश में करीब पांच लाख मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग पौने पांच लाख मामलों का त्वरित निपटारा करते हुए उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की गयी है।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं से संबंधित मामलों की संख्या में बढ़ोतरी होना एक तरह से विभाग के लिए अच्छी बात है। इससे पता चलता है कि आज के दौर में सभी उपभोक्ता जागरूक हो रहे हैं, और अपने हक की लड़ाई के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में केन्द्र सरकार ने एक प्रावधान जारी किया है, जिसके तहत यदि कोई कंपनी उपभोक्ता को भ्रमित करने वाला विज्ञापन प्रसारित व प्रकाशित करता है तो उसे पैनल्टी के रूप में सजा भुगतनी होगी।

उन्होंने बताया कि व्यापक जनचेतना की दृष्टि से उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से प्रदेश के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चलाए जा रहे उपभोक्ता क्लबों को और अधिक सक्रिय किया जाएगा ताकि प्राथमिक स्तर से ही उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना सीख जाए।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्ष निशा गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं के लिए गहन चिंतनशील है और इसी बात को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता विभाग अपना कार्य कर रहा है। आज ‘‘साइबर वल्र्ड’’ विश्व में एक आठवें महाद्वीप के रूप में सामने आ चुका है। इसके तहत आज कोई भी व्यक्ति घर बैठे किसी भी वस्तु या सेवा का लाभ आसानी से ले सकता है और इससे डिजिटल मार्केटिंग की डिमाण्ड बढ़़ी है।

गुप्ता ने बताया कि डिजीटल मार्केटिंग से एक ही समय में कई वस्तुओं का विभिन्न कंपनियों से तुलनात्मक अध्ययन व इस्तेमाल करने का दायरा भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल मार्केटिंग के चलते कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं, जिनमें माल की गुणवत्ता, विश्वसनीयता, भ्रामक विज्ञापन से गुमराह करना, वस्तुओं की मात्रा व उनकी साइज व वस्तुओं के ट्रायल की समस्या, ऑर्डर की हुई वस्तु कब तक प्राप्त होगी, वस्तु के वापसी करने की समस्या आदि शामिल हैं।

इनके अलावा डिजिटल बाजार में विक्रेताओं के लिए विभिन्न चुनौतियों की जानकारी देते हुए  निशा गुप्ता ने बताया कि कई बार यह भी देखने में आता है कि जब कोई उपभोक्ता डिजिटल मार्केट के जरिए यदि कोई वस्तु खरीदता है तो वह अपना बैंक डिटेल व अन्य सभी जानकारी संबंधित कंपनी को देता है लेकिन संबंधित उपभोक्ता को इस बात की कोई सिक्योरिटी नहीं दी जाती कि उसके द्वारा दी गई पूरी जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा या नहीं और कई बार तो उनकी जानकारी को किसी कंपनी के द्वारा दुरूपयोग भी कर लिया जाता है।

उन्होंने बताया कि ई-बाजार में कई बार भाषा संबंधी समस्या भी आती है, जिसके लिए आवश्यक है कि कंपनी के वेबसाइट पर संबंधित क्षेत्र में उसी भाषा का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने बताया कि यदि डिजिटल मार्केट के विक्रेता उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुओं की बिक्री करें और बेहतर सर्विस दें तो उपभोक्ता उनका नियमित ग्राहक बन सकता है।

समारोह के दौरान उपभोक्ता मामले के क्षेत्र में वर्ष में सबसे अधिक परिवादों का निस्तारण करने पर उपभोक्ता जिला मंच अलवर के अध्यक्ष बलदेवराम चौधरी, सदस्य नयनतारा शर्मा, अशोक कुमार पारीक और जयपुर जिला मंच चतुर्थ के अध्यक्ष नगेन्द्रपाल भण्डारी, सदस्य अनिल रूंगटा शामिल रहे।
इस मौके पर राज्य उपभोक्ता प्रतितोष आयोग की ओर से जारी किया गया उपभोक्ता जागृति-2017 पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर लगाई गई उपभोक्ता प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समारोह में उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक पी. रमेश, आयोग के रजिस्ट्रार रमेशचंद गुप्ता, अखिल राजसथान उपभोक्ता संगठन महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश वैष्णव एवं अन्य पदाधिकारी, विभिन्न मंचों के जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के एनसीसी व छात्र प्रभारी और स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इससे पूर्व समारोह में विभाग के उप निदेशक संजय झाला ने अतिथियों का स्वागत व अभिनन्दन किया। कार्यक्रम के अंत में आयोग के उप पंजीयक मनोज सोनी ने लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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